A PHP Error was encountered

Severity: Warning

Message: fopen(/tmp/ci_sessionri8b7lhcjqho8u3e5i0sca14onm9gpr3): failed to open stream: No such file or directory

Filename: drivers/Session_files_driver.php

Line Number: 172

Backtrace:

File: /var/www/bookstruck/application/controllers/Book.php
Line: 14
Function: __construct

File: /var/www/bookstruck/index.php
Line: 317
Function: require_once

A PHP Error was encountered

Severity: Warning

Message: session_start(): Failed to read session data: user (path: /tmp)

Filename: Session/Session.php

Line Number: 143

Backtrace:

File: /var/www/bookstruck/application/controllers/Book.php
Line: 14
Function: __construct

File: /var/www/bookstruck/index.php
Line: 317
Function: require_once

दशहरा | विजय पर्व| Marathi stories | Hindi Stories | Gujarati Stories

Android app on Google Play

 

विजय पर्व

दशहरे का उत्सव शक्ति और शक्ति का समन्वय बताने वाला उत्सव है। नवरात्रि के नौ दिन जगदम्बा की उपासना करके शक्तिशाली बना हुआ मनुष्य विजय प्राप्ति के लिए तत्पर रहता है। इस दृष्टि से दशहरे अर्थात विजय के लिए प्रस्थान का उत्सव का उत्सव आवश्यक भी है।

भारतीय संस्कृति सदा से ही वीरता व शौर्य की समर्थक रही है। प्रत्येक व्यक्ति और समाज के रुधिर में वीरता का प्रादुर्भाव हो कारण से ही दशहरे का उत्सव मनाया जाता है। यदि कभी युद्ध अनिवार्य ही हो तब शत्रु के आक्रमण की प्रतीक्षा ना कर उस पर हमला कर उसका पराभव करना ही कुशल राजनीति है। भगवान राम के समय से यह दिन विजय प्रस्थान का प्रतीक निश्चित है। भगवान राम ने रावण से युद्ध हेतु इसी दिन प्रस्थान किया था। मराठा रत्न शिवाजी ने भी औरंगजेब के विरुद्ध इसी दिन प्रस्थान करके हिन्दू धर्म का रक्षण किया था। भारतीय इतिहास में अनेक उदाहरण हैं जब हिन्दू राजा इस दिन विजय-प्रस्थान करते थे।

रावण को मारते हुए राम का चित्रण।